कवर्धा धान घोटाले पर कांग्रेस का तीखा हमला
रायपुर, 09 जनवरी 2026।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कवर्धा जिले में सामने आए धान घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कवर्धा जिले के दो धान संग्रहण केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान, जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये है, गायब हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इस घोटाले की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा चूहों पर डाली जा रही है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह भाजपा सरकार के तथाकथित सुशासन का अनूठा उदाहरण है, जहां हजारों करोड़ रुपये के धान घोटाले को छिपाने के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में लगभग 1000 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी हुई थी, जिसकी आज तक कोई जांच नहीं हुई। वहीं, 2024-25 में भी हजारों करोड़ रुपये के धान घोटाले की शिकायतें सामने आई हैं, जो स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार के संरक्षण में हुए हैं।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब कवर्धा में 7 करोड़ के धान घोटाले के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो प्रदेश भर में हुई करोड़ों रुपये की धान हेराफेरी के लिए आखिर किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में धान घोटाला, चावल घोटाला, टेंडर घोटाला, दवा खरीदी घोटाला, बारदाना खरीदी घोटाला और शराब घोटाला जैसी अनगिनत अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। भाजपा का मूल चरित्र ही भ्रष्टाचार का रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल में भी नान, साइकिल, मोबाइल, जमीन खरीदी जैसे कई बड़े घोटाले हुए थे और अब वही दौर फिर लौट आया है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने मांग की कि कवर्धा जिला सहित प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्रों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, क्योंकि हर जगह अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। साथ ही कवर्धा में हुए 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले की राशि की वसूली कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
— धनंजय सिंह ठाकुर
वरिष्ठ प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी


