महिला एवं बाल विकास विभाग, जांजगीर-चांपा की टीम सक्रिय, नवजात बालिका सुरक्षित संरक्षण में।
जांजगीर-चांपा।
कलेक्टर श्री जन्मेजय मोहबे के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक संवेदनशील मामले में अत्यंत त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक नवजात बालिका की जान बचा ली।
मामला 09 दिसंबर 2025 का है, जब रेलवे स्टेशन चांपा के प्लेटफॉर्म क्रमांक–4 पर एक अति संवेदनशील स्थिति में नवजात शिशु (आयु लगभग 10–15 दिवस) परित्यक्त अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने रेलवे पुलिस व चाइल्ड लाइन के सहयोग से तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
नवजात बालिका को बिना समय गंवाए जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई गई। इसके पश्चात विभाग ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालिका को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के आदेशानुसार, नवजात को विशेषीकृत दत्तक ग्रहण संस्थान, कोरबा में सुरक्षित संरक्षण एवं आगे की देखरेख हेतु भेजा गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह जायसवाल ने कहा—
“नवजात शिशु की सुरक्षा व स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समय पर प्राप्त सूचना और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयास से बच्ची को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया है। वर्तमान में बालिका स्वस्थ है तथा आगे की सभी कानूनी एवं विभागीय प्रक्रियाएँ नियमानुसार जारी हैं।”
महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि—
जिले में किसी भी बच्चे की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित हर स्थिति में विभाग पूर्णतः तत्पर और संवेदनशील है।


