Close Menu
Satya Ke AnjorSatya Ke Anjor
    What's Hot

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: बीरगांव निगम आयुक्त ने ली प्रशिक्षण बैठक, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर

    May 6, 2026

    भीषण सड़क हादसा: चार युवकों की मौत, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

    May 5, 2026

    अग्रवाल संगठन के निःशुल्क सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब, 51 जोड़े बंधे वैवाहिक बंधन में

    May 4, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Satya Ke Anjor
    • होम
    • ब्रेकिंग न्यूज़
    • राष्टीय
    • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • अंतर्राष्टीय
    • खेल
    • राजनीति
    Satya Ke AnjorSatya Ke Anjor
    Home»छत्तीसगढ़»**राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं — “बसन्त, आप मेरे भी पुत्र हैं”
    छत्तीसगढ़

    **राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं — “बसन्त, आप मेरे भी पुत्र हैं”

    https://satyakeanjor.com/?p=79665
    satya@anjorBy satya@anjorNovember 23, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp

    73 साल पुरानी विरासत फिर जीवंत | पण्डो जनजाति में उमड़ा गर्व**

     

    विशेष रिपोर्ट | अंबिकापुर

    जनजातीय गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गुरुवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और पण्डो जनजाति के वरिष्ठ सदस्य बसन्त पण्डो के बीच हुई आत्मीय मुलाकात ने पूरे सभामंडप को भावुक कर दिया।

     

    कार्यक्रम स्थल पर जब वृद्ध बसन्त पण्डो राष्ट्रपति मंच के पास पहुँचे, तो राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वयं आगे बढ़कर उनका अभिवादन किया, उन्हें पास बुलाया और स्नेहपूर्वक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

     

    लोगों की तालियों के बीच राष्ट्रपति ने कहा—

     

    “बसन्त, आप मेरे भी पुत्र हैं।”

     

    इस एक वाक्य ने पण्डो समाज ही नहीं, पूरे जनजातीय समुदाय को गौरव की अनुभूति कराई। बसन्त पण्डो की आँखों में भावुकता साफ झलक रही थी।

     

     

    —

     

    73 साल पुरानी ऐतिहासिक स्मृति फिर ताज़ा

     

    बसन्त पण्डो का राष्ट्रपति से संबंध कोई नया नहीं, बल्कि 1952 की एक महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा है।

     

    भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जब अंबिकापुर आए थे, तब पण्डो जनजाति का 8 वर्षीय बालक गोलू (यही बच्चा आगे चलकर बसन्त पण्डो बना) कार्यक्रम में मौजूद था।

     

    डॉ. प्रसाद उसकी मासूमियत से इतने प्रभावित हुए कि

    • उन्होंने गोलू को गोद में उठाया,

    • उसका नाम बदलकर “बसन्त” रखा,

    • और उसे प्रतीकात्मक रूप से अपना दत्तक पुत्र घोषित किया।

     

    यही कारण है कि पण्डो जनजाति को आज भी “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र”कहे जाने का गौरव प्राप्त है।

     

     

    —

     

    राष्ट्रपति–बसन्त मुलाकात ने पण्डो समाज में जगाया नया उत्साह

     

    अंबिकापुर के कार्यक्रम में बसन्त पण्डो की मौजूदगी और राष्ट्रपति मुर्मु के स्नेहपूर्ण शब्दों ने पण्डो समाज में नई उम्मीद जगाई है।

     

    जनजातीय प्रतिनिधियों ने कहा—

    • यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि पण्डो समाज की पहचान का पुनर्स्थापन है।

    • राष्ट्रपति द्वारा “पुत्र” कहना पूरे समुदाय के लिए गर्व का संदेश है।

    • इससे पण्डो समाज की समस्याएँ अब राष्ट्रीय स्तर पर अधिक मजबूती से सुनी जाएँगी।

     

     

    —

     

    बसन्त पण्डो ने राष्ट्रपति के समक्ष 5 प्रमुख मांगें रखीं

     

    लगभग 80 वर्ष के बसन्त पण्डो ने इस अवसर पर पण्डो समाज के हित में पाँच बिंदुओं पर लिखित मांगें राष्ट्रपति को सौंपीं—

     

    1. पण्डो जनजाति को केंद्र की जनजाति सूची (Central ST List) में शामिल किया जाए,

    ताकि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल सके।

     

     

    2. पण्डो जनजाति को आवंटित भूमि के पट्टों का जल्द से जल्द वितरण।

     

     

    3. पण्डो समाज के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सरकारी रोजगार का लाभ।

     

     

    4. छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जहाँ पण्डो समाज निवासरत है, वहाँ आवासीय शिक्षा व्यवस्था (Hostel/Residential Schools) विकसित की जाए।

     

     

    5. पण्डो जनजाति बहुल क्षेत्रों में अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

     

     

     

     

    —

     

    भावुक दृश्य बना इतिहास का हिस्सा

     

    जैसे ही राष्ट्रपति मुर्मु ने बसन्त पण्डो को पुत्र संबोधित किया, पूरा सभामंडप तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

    मंच पर मौजूद जनजातीय नेता, सामाजिक प्रतिनिधि और अधिकारी इस क्षण को “ऐतिहासिक” बताते हुए भावुक नजर आए।

     

    यह दृश्य अंबिकापुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय के लिए

     

    गौरव, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया।

    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link
    satya@anjor
    • Website

    Related Posts

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: बीरगांव निगम आयुक्त ने ली प्रशिक्षण बैठक, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर

    May 6, 2026

    भीषण सड़क हादसा: चार युवकों की मौत, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

    May 5, 2026

    अग्रवाल संगठन के निःशुल्क सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब, 51 जोड़े बंधे वैवाहिक बंधन में

    May 4, 2026

    🟥 ब्रेकिंग न्यूज़ | हर क्वार्टर पर 20 रुपये एक्स्ट्रा वसूली!

    May 2, 2026
    Advertisement
    Editors Picks

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: बीरगांव निगम आयुक्त ने ली प्रशिक्षण बैठक, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर

    May 6, 2026

    भीषण सड़क हादसा: चार युवकों की मौत, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

    May 5, 2026

    अग्रवाल संगठन के निःशुल्क सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब, 51 जोड़े बंधे वैवाहिक बंधन में

    May 4, 2026

    🟥 ब्रेकिंग न्यूज़ | हर क्वार्टर पर 20 रुपये एक्स्ट्रा वसूली!

    May 2, 2026
    Latest Posts

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: बीरगांव निगम आयुक्त ने ली प्रशिक्षण बैठक, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर

    May 6, 2026

    भीषण सड़क हादसा: चार युवकों की मौत, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

    May 5, 2026

    अग्रवाल संगठन के निःशुल्क सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब, 51 जोड़े बंधे वैवाहिक बंधन में

    May 4, 2026

    सत्य के अंजर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीक और जिम्मेदाराना तरीके से आप तक पहुँचाता है। हमारा लक्ष्य है– सही खबर, सही समय पर।
    We're social. Connect with us:

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Contact Info

    Toman Das Banjare
    Chief Editor

    Address : Rawabhantha, WN 15, Birgaon, Raipur, C.G. 492001
    Mob. : 7974174059

    Official Email : satyakeanjor@gmail.com

    May 2026
    M T W T F S S
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Apr    
    © 2026 Satya ke Anjor. Designed by Nimble Technology.
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.