2257.55 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक परिसर, छत्तीसगढ़ को मिलेगा पहला अनुसंधान पार्क
रायपुर, 27 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इन संस्थानों में आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थान हैं – आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू।
इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया, जहाँ छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे।
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“तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा”
मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और युवाओं को नवाचार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थियों की संख्या और सुविधाएँ उल्लेखनीय रूप से बढ़ेंगी।
भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 के लिए 2257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस चरण में 1,51,343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसमें –
नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग
अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ
आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष
प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी।
साथ ही, छात्र संख्या 1500 से बढ़कर 3000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, टेनिस कोर्ट, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी होंगी।
फेस-2 की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से होगी। परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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आईआईटी भिलाई की स्थापना और उपलब्धियाँ
आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में हुई थी। फेस-1 के लिए 1090.17 करोड़ की मंजूरी दी गई थी और इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया। यह परिसर पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित डिजाइन के लिए कई पुरस्कार प्राप्त कर चुका है।
संस्थान की विशेषताएँ –
गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश द्वार
300 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व
अब तक 30 पेटेंट दर्ज
आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) को ‘श्रेणी-ए हब’ का दर्जा
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से 10 लाख फर्जी छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर 40 करोड़ की बचत
54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ, जिन पर 19 करोड़ व्यय।
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वर्तमान और भविष्य
फिलहाल आईआईटी भिलाई में 1525 छात्र बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। फेस-2 पूर्ण होने पर यह संख्या 3000 तक पहुँचेगी।
इससे आईआईटी भिलाई केवल शिक्षा और शोध ही नहीं, बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।


