बिरगांव, रायपुर। चार वर्षों से बेटे की राह देख रही एक मां की दुआ आखिरकार रंग लाई। बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 25 निवासी पप्पू के सुरक्षित घर लौटने से परिवार में खुशियां लौट आईं। बेटे को सामने देखते ही मां मधु ध्रुव की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और यह भावुक पल देखने वालों को भी भावुक कर गया।
जानकारी के अनुसार, पप्पू वर्ष 2022 से लापता था। 7 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे पुलिस से सूचना मिली कि एक घायल युवक जिला अस्पताल में भर्ती है, जो अपना पता बिरगांव, रायपुर बता रहा है।
सूचना मिलते ही बिरगांव में युवक की पहचान के लिए तेजी से प्रयास शुरू किए गए। स्थानीय व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से परिजनों का पता लगाया गया। इसके बाद मामले की जानकारी बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन को दी गई।
महापौर नंदलाल देवांगन के सहयोग से तत्काल परिजनों के मुरादाबाद पहुंचने की व्यवस्था की गई। वहां परिवार ने युवक की पहचान पप्पू के रूप में की और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे सकुशल अपने साथ बिरगांव लेकर लौटे।
चार साल बाद बेटे की घर वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है। यह पुनर्मिलन मानवीय संवेदनाओं, जनप्रतिनिधियों की तत्परता और सामूहिक प्रयास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
हालांकि, पप्पू के चार वर्षों तक लापता रहने और मुरादाबाद पहुंचने की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी हैं। फिलहाल परिवार बेटे की सुरक्षित वापसी को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।


