रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के भनपुरी जोन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां उपभोक्ता को बिना मीटर लगाए ही बिजली बिल थमा दिया गया। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔴 क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपभोक्ता के घर मीटर इंस्टॉल ही नहीं किया गया, इसके बावजूद करीब 1860 रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया। इतना ही नहीं, पहले से अस्थायी मीटर लगाने के आदेश जारी होने के बावजूद एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने पर भी मीटर नहीं लगाया गया।
⚠️ उठ रहे बड़े सवाल
बिना मीटर के रीडिंग कैसे निकाली गई?
क्या बिना जांच के बिल जारी करना विभागीय लापरवाही है?
क्या यह मामला भ्रष्टाचार या मिलीभगत की ओर इशारा करता है?
जिम्मेदार कर्मचारियों पर कब और क्या कार्रवाई होगी?
🗣️ उपभोक्ता की मांग
पीड़ित उपभोक्ता ने मामले की तत्काल जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, गलत बिल को निरस्त करने की भी अपील की गई है।
🏛️ प्रशासन पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “बिना मीटर के बिल” जैसी घटनाएं आम जनता के विश्वास को कमजोर कर रही हैं।
📢 निष्कर्ष
अगर समय रहते इस तरह की गड़बड़ियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या बड़े घोटाले का रूप ले सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है।


