रायपुर, 29 अक्टूबर 2025 | विशेष संवाददाता
चुनाव आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा के बाद, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आयोग से एसआईआर प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
दीपक बैज ने कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि किसी भी संशोधन से पहले सभी दलों के बीएलए (Booth Level Agents) से चर्चा की जा सके। उन्होंने कहा —
> “किसी भी नागरिक से मतदान का अधिकार छीनना लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि एसआईआर का काम मूल रूप से बीएलओ (Booth Level Officer) के माध्यम से ही पूरा होगा। कांग्रेस की मांग है कि बीएलओ घर-घर जाकर दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करें, और मतदाता से अपने दौरे का लिखित पुष्टि प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बीएलओ ने कार्यालय में बैठकर कागजी सर्वे नहीं किया है।
दीपक बैज ने आगे कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो यह सिद्ध करने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की होनी चाहिए, न कि मतदाता की। उन्होंने आयोग से यह भी आग्रह किया कि मतदाताओं को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा समय दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो।
उन्होंने चेताया कि एसआईआर की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को दर्शाए, न कि किसी दल विशेष के राजनीतिक एजेंडे को। सत्ताधारी दल के हित में वोटरों को फिल्टर कर हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
> “निर्वाचन आयोग को टेबल टॉप मिलान के सभी आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए,” — दीपक बैज ने कहा।
