पूज्य बृजबिहारी सरकार के दिव्य दरबार ने उमड़ी भावनाएँ • गौ ऋषियों का सशक्त संदेश • छत्तीसगढ़ में गौ-सेवा का नया अध्याय

 

रायपुर/देवपुरी।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित गोदड़ीवाला धाम, देवपुरी में आयोजित गौन्याय महोत्सव 2025 इस वर्ष भव्यता और आस्था का अनूठा संगम बन गया। 17 से 19 नवंबर तक होने जा रहे इस आयोजन ने देशभर से आए गौभक्तों और संतों के बीच नई ऊर्जा का संचार किया।

इस महोत्सव में 11 राज्यों और 3 देशों से गौ-भक्त, गौसैनिक, संत-महात्मा और समाजसेवी शामिल हुए।

 

 

 

पूज्य बृजबिहारी सरकार का दिव्य दरबार बना मुख्य आकर्षण

 

महोत्सव में उस समय अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब पूज्य बृजबिहारी सरकार अपनी टोली के साथ दिव्य दरबार हेतु पहुँचे।

दरबार में निकाली गई पर्चियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

आने वाले भक्त अपनी जीवन समस्याओं को पर्ची में लिखे देख आश्चर्यचकित रह गए—

कहीं खुशी के आँसू छलके, तो कहीं भावनाएँ उमड़ पड़ीं।

 

 

 

प्रसिद्ध गौकथा वाचक पूज्यनीय जगदीश गोपालानन्द सरस्वती जी महाराज की उपस्थिति

 

महोत्सव का प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण रहे देश के प्रख्यात गौकथा वाचक पूज्यनीय जगदीश गोपालानंद सरस्वती जी महाराज, जिनके दर्शन बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।

उनकी उपस्थिति में विशेष अनुशासन रहा—

📵 मोबाइल फोन दरबार में प्रवेश से पूर्व बाहर रखने की घोषणा

✨ पूर्ण गोपनीयता व पवित्रता बनाए रखने की परंपरा

 

 

 

✨ गौसेवा के मसीहा विनीत पोरवाल (भीलवाड़ा, राजस्थान) रहे विशेष आकर्षण

 

पूरे भारत में “गौ रक्षा का प्रतीक” माने जाने वाले गौसैनिक विनीत पोरवाल अपनी विशेष गौसेवा वाहन के साथ पहुंचे।

उनसे मिलने व आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।

 

इस अवसर पर प्रमुख संतों में—

🔸 ज्योतिर्मयानंद सरस्वती

🔸 श्री दंडी स्वामी जी

🔸 सिंधी समाज प्रमुख युधिष्ठिर जी महाराज

🔸 गोदड़ीवाला धाम समिति प्रमुख अमर गिडवानी जी

🔸 विभिन्न समाजों के प्रमुखजन

मौजूद रहे और गौ सेवा संकल्प में अपने विचार रखे।

 

 

 

इस महोत्सव की मुख्य विशेषताएँ

 

✔ गौ कथा एवं दिव्य प्रसंग

✔ गौ ऋषि एवं गौ सैनिक समागम

✔ गौन्याय संगोष्ठी

✔ 5 दिवसीय निःशुल्क गोमय प्रशिक्षण शिविर

✔ सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम

✔ कथा प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक

 

 

 

✨ गौ माता संरक्षण और भविष्य के लिए बड़ा संदेश

 

गौ कथा में गौ ऋषियों ने स्पष्ट संदेश दिया—

“जो गौ नाम का नहीं… वह किसी काम का नहीं।”

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में गौ माता को ‘राज्य माता’ घोषित करके इतिहास रचा जा सकता है।

 

साथ ही अलग गौ मंत्रालय के 9 बिंदुओं पर आधारित जागरूकता अभियान का भी शंखनाद किया गया।

 

 

 

✨ सभी गौभक्तों की निष्काम सेवा—इस आयोजन को बनाया अद्वितीय

 

गौन्याय महोत्सव की सबसे प्रेरक बात यह रही कि—

👉 इसे किसी एक संस्था, संगठन या समूह ने नहीं,

बल्कि सभी गौभक्तों, गौसैनिकों और सेवभावी नागरिकों ने मिलकर आयोजित किया।

 

यह सिद्ध करता है—

“जहाँ सेवा है, वहाँ स्वार्थ नहीं… और जहाँ स्वार्थ है, वहाँ सेवा नहीं।”

 

 

 

✨ संत दर्शन के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधि

 

महोत्सव के दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने भी पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त किया—

🔹 ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू

🔹 पूर्व विधायक (रायपुर डवलपमेंट) शिवानंद साहू

🔹 श्री श्री 1008 सोमया दीदी

🔹 संत श्री गोतमानंद जी महाराज

 

सभी ने गौ माता को राज्य माता एवं राष्ट्र माता बनाने का संकल्प दोहराया।

 

 

 

📌 भविष्य में गोमय आधारित रोजगार को मिलेगा बड़ा विस्तार

 

विशेषज्ञों का दावा है कि इस महोत्सव के बाद छत्तीसगढ़ में—

✔ गोमय से जुड़े

उत्पाद

✔ इको–फ्रेंडली उद्योग

✔ स्वदेशी रोजगार

तेज़ी से बढ़ेंगे और नई आर्थिक दिशा स्थापित होगी।

 

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