पार्षद इकराम अहमद ने सरकार और विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
बिरगांव। गरीब और मजदूर परिवारों को घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘हमर क्लीनिक’ योजना बिरगांव में सवालों के घेरे में है। आरोप है कि कई स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर क्लीनिक भवन तैयार होने के बावजूद आज तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
नगर निगम पार्षद इकराम अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और तत्कालीन विधायक सत्यनारायण शर्मा के प्रयासों से बिरगांव क्षेत्र में 9 हमर क्लीनिक खोलने की अनुमति मिली थी। इनमें से करीब 3 क्लीनिक भवन लगभग तीन वर्षों से तैयार हैं, लेकिन अब तक डॉक्टर, नर्स और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
💬 “भवन तैयार हैं, फिर इलाज क्यों नहीं?”
इकराम अहमद ने कहा कि सरकार बदल गई, लेकिन गरीबों और मजदूर परिवारों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। जनता के पैसों से भवन तैयार होने के बाद यदि वहां स्वास्थ्य सेवाएं ही शुरू नहीं होंगी, तो यह जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने विधायक एवं संबंधित विभाग से मांग की कि बिरगांव के सभी तैयार हमर क्लीनिकों का तत्काल निरीक्षण कर डॉक्टर, नर्स, दवाइयां एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं।
साथ ही उन्होंने लंबे समय से बंद पड़े भवनों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी
पार्षद इकराम अहमद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही हमर क्लीनिकों में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की गईं, तो आम जनता के साथ मिलकर सरकार की कथित लापरवाही के खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा।
अब बड़ा सवाल—जब हमर क्लीनिक के भवन तैयार हैं, तो इलाज कब शुरू होगा?
बिरगांव की जनता को जवाब का इंतजार है।
