“अब साफ है कि अफीम की खेती में भाजपा संलिप्त है” – दीपक बैज

रायपुर | 23 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया हैदीपक बैज ने भाजपा सरकार पर सीधे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रही अफीम की खेती बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं है।

🔴 कई जिलों में अफीम खेती का खुलासा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि दुर्ग, बलरामपुर, रायगढ़ के तमनार, लैलूंगा और नगरी-सिहावा जैसे क्षेत्रों में अफीम की खेती पकड़ी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरी-सिहावा में मामले को दबाने की कोशिश की गई, जहां फसल को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया गया लेकिन दोषियों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

⚠️ सरकारी तंत्र पर उठे सवाल

दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि:

अफीम की फसल अचानक नहीं उगती, यह महीनों की प्रक्रिया है

गिरदावरी के दौरान राजस्व विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली?

खेतों में अफीम होने के बावजूद रिपोर्ट में अन्य फसल कैसे दर्ज की गई?

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकारी मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

🚨 भाजपा नेताओं पर संरक्षण के आरोप

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने केवल विनायक ताम्रकार को निलंबित किया, लेकिन निष्कासित नहीं किया गया। साथ ही उन्हें मुख्य आरोपी भी नहीं बनाया गया, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।

🌾 डिजिटल गिरदावरी में भी गड़बड़ी का आरोप

दुर्ग जिले के समोदा क्षेत्र में जिस जमीन पर अफीम की खेती पाई गई, वहां सरकारी रिकॉर्ड में मक्का और अन्य फसल दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी गई, जिससे पूरे मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

📢 निष्पक्ष जांच की मांग

दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में हो रही अफीम की खेती की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन भाजपा नेताओं के संरक्षण में यह अवैध कारोबार चल रहा था।

🗣️ जनता जानना चाहती है जवाब कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए

✍️ सुशील आनंद शुक्ला

अध्यक्ष, कांग्रेस संचार विभाग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी

Share.
Exit mobile version