रायपुर | 21 मार्च 2026 | छत्तीसगढ़ में कथित घोटालों और नशे के अवैध कारोबार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म होता जा रहा है। जिला दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ के तमनार ब्लॉक अंतर्गत आमाघाट गांव में अफीम की खेती के खुलासे ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन, छत्तीसगढ़ ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन का आरोप है कि पूर्व में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान दारू घोटाला और नरवा-घुरवा योजना में भ्रष्टाचार जैसे मामले सामने आए थे, जिससे जनता को गुमराह किया गया।
वहीं वर्तमान में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार पर भी सवाल उठाते हुए संगठन ने धान घोटाला और अफीम की अवैध खेती जैसे मामलों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर चिंता जताई है।
📌 क्या हैं मुख्य आरोप?
दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों में अवैध गतिविधियों का फैलाव
तमनार ब्लॉक के आमाघाट गांव में अफीम की खेती का खुलासा
प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण की आशंका
✊ भीम आर्मी की प्रमुख मांगें
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
अफीम की खेती से जुड़े माफियाओं की तत्काल गिरफ्तारी हो
संरक्षण देने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो भीम आर्मी प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
⚠️ जनता के लिए बड़ा सवाल
लगातार सामने आ रहे घोटालों और नशे के मामलों ने आम जनता के बीच असुरक्षा और अविश्वास की भावना को बढ़ा दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक छत्तीसगढ़ की जनता ऐसे मामलों का सामना करती रहेगी।
भीम आर्मी का कहना है कि छत्तीसगढ़ की धरती को घोटालों और नशे का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
जय भीम ✊ | जय संविधान 📜
