धरसींवा | सत्य के अंजोर न्यूज़ धरसींवा विधानसभा अंतर्गत ग्राम तुलसी बाराडेरा में बाबा गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर आयोजित गुरु दर्शन मेला आस्था, संस्कृति और सामाजिक चेतना का भव्य संगम बनकर उभरा। इस ऐतिहासिक आयोजन में सतनाम समाज के गुरु एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक अनुज शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान गुरु खुशवंत साहेब एवं विधायक अनुज शर्मा ने पवित्र जैतखंभ पर पालो चढ़ाकर बाबा गुरु घासीदास जी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं सद्भाव के लिए मंगलकामना की।

मेले में प्रस्तुत पंथी नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा और सतनाम पंथ की जीवंत झलक ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

“मनखे-मनखे एक समान” से ही समाज का कल्याण संभव – विधायक अनुज शर्मा

इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि

“बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। जाति-पाति और ऊंच-नीच का त्याग कर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।”

विधायक अनुज शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि

“बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण विचारधारा है। जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक वास्तविक विकास अधूरा रहेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि सतनाम केवल नाम नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है, जो बाबा जी के सात सिद्धांतों—

सत्य बोलना, अहिंसा, चोरी न करना, मांस-मदिरा का त्याग, परस्त्री गमन का त्याग और सादगी—पर आधारित है। यही सिद्धांत एक आदर्श समाज की नींव रखते हैं।

विधायक अनुज शर्मा ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात कर शिक्षा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

बाबा गुरु घासीदास जयंती पर आयोजित यह गुरु दर्शन मेला सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का सशक्त संदेश देकर लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ गया।

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