🏛️ संसद का मानसून सत्र शुरू: ऑपरेशन सिंदूर से लेकर आयकर विधेयक तक, हंगामेदार सत्र के आसार

 

नई दिल्ली | 21 जुलाई 2025 | संवाददाता

देश की संसद में सोमवार से मॉनसून सत्र की शुरुआत हो गई है, जो आगामी 21 अगस्त तक चलने वाला है। कुल 32 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। यह सत्र कई मामलों में खास है, क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर हिंसा, और नई आयकर व्यवस्था जैसे कई ज्वलंत मुद्दों के बीच हो रहा है।

 

 

 

🔥 विपक्ष हमलावर, सरकार तैयार

 

मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में है।

कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर संकट और डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान शांति-वार्ता दावों पर सीधा जवाब मांगा है।

 

विपक्ष का कहना है कि संसद में सवाल पूछना उनका संवैधानिक अधिकार है और सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि “सरकार हर विषय पर चर्चा को तैयार है, लेकिन संसद की गरिमा और प्रक्रिया के दायरे में रहकर।”

 

 

 

🧾 बिलों की भरमार, आम जनता से जुड़े कई प्रस्ताव

 

सरकार इस सत्र में कुल 15 विधेयकों को लाने जा रही है, जिनमें से 8 बिल नए हैं और 7 पुराने लंबित बिलों को फिर से पेश किया जाएगा।

कुछ प्रमुख बिल जो आम जनता से सीधा सरोकार रखते हैं:

 

नया आयकर विधेयक (Income Tax Bill, 2025) – जिसमें टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और आम करदाता को राहत देने का दावा किया गया है।

 

जन विश्वास विधेयक (Jan Vishwas Bill) – छोटे व्यापारियों के लिए सजा की जगह जुर्माने का प्रावधान।

 

भारतीय प्रबंधन संस्थान संशोधन बिल (IIM Bill) – आईआईएम गुवाहाटी को विशेष दर्जा देने की तैयारी।

 

राष्ट्रीय खेल संचालन विधेयक – खेल संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का कानून।

 

खनन और पोत परिवहन से जुड़े विधेयक – जिनसे संसाधनों के बेहतर उपयोग की उम्मीद है।

 

 

 

 

🌐 खास मुद्दे जो छाए रहेंगे:

 

ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक को लेकर संसद में तीखी बहस की संभावना है।

 

मणिपुर में जारी हिंसा – राज्य में राष्ट्रपति शासन की मियाद बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन में रखा जाएगा।

 

बिहार की मतदाता सूची में संशोधन – विपक्ष इसे राजनीतिक चाल बता रहा है।

 

डोनाल्ड ट्रंप के बयान – अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा भारत-पाक के बीच कथित “सीजफायर वार्ता” में अपनी भूमिका के दावे को लेकर भी हंगामा तय है।

 

 

 

 

📣 संसद से जनता को क्या उम्मीद?

 

इस सत्र में सरकार का जोर आर्थिक सुधारों, कारोबारी सुगमता और कर व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर है। अगर इन प्रस्तावों पर गंभीर बहस हो और राजनीतिक दल अपनी-अपनी राजनीति से ऊपर उठकर बात करें, तो यह सत्र देश के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

 

 

 

📝 निष्कर्ष

 

संसद का यह मॉनसून सत्र सिर्फ बिल पास करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की नब्ज़ पर हाथ रखने का मौका भी है।

आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके सवालों के जवाब इस बार सदन में मिलेंगे या नहीं।

 

📍सत्य के अंजोर इस सत्र से जुड़ी हर बड़ी खबर, बहस और नीतिगत फैसलों की रिपोर्टिंग करता रहेगा। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।

 

 

 

रिपोर्टिंग: सत्य के अंजोर संवाददाता टीम, नई दिल्ली

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