सिलतराशारडा एनर्जी एंड पावर लिमिटेड, सिलतरा में साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को साइबर अपराध, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, AI आधारित धोखाधड़ी और डीपफेक जैसी आधुनिक डिजिटल चुनौतियों के प्रति जागरूक किया गया।

 

कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर श्री अभिषेक झा एवं उप पुलिस अधीक्षक माना श्री लम्बोदर पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआकार्यक्रम में थाना प्रभारी सिलतरा श्री राजेन्द्र सिंह कंवर सहित थाना सिलतरा पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।

 

कंपनी की ओर से Mr. Manoj Shah (Unit Head), Mr. Amit Mishra एवं Mr. Vivek Chowdhary सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 75–80 लोगों ने ऑफलाइन तथा करीब 100 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।

 

बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर

 

थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह कंवर ने बच्चों और किशोरों के सामने बढ़ती डिजिटल चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल मोबाइल और इंटरनेट से दूर रखना समाधान नहीं है। अभिभावकों को बच्चों से दोस्त की तरह संवाद करते हुए उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को समझना और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए जागरूक करना जरूरी है।

 

उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर बच्चों की रुचियों और गतिविधियों का अध्ययन कर उनसे संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके बाद चैटिंग, वीडियो कॉल या निजी फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिन्हें Sextortion कहा जाता है।

 

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई बच्चा ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो उसे डांटने या डराने के बजाय उसका साथ दें, ताकि वह अपनी परेशानी परिवार के साथ खुलकर साझा कर सके।

 

AI और Deepfake के खतरे से भी किया आगाह

 

कार्यक्रम में Artificial Intelligence (AI) और Deepfake तकनीक के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया। बताया गया कि किसी व्यक्ति की फोटो, आवाज या वीडियो का दुरुपयोग कर फर्जी सामग्री तैयार की जा सकती है।

 

पुलिस ने बच्चों और युवाओं को निजी फोटो, वीडियो, पासवर्ड और व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल के महत्व को समझाया गया।

 

सोशल मीडिया की लाइक और ट्रोलिंग से रहें सतर्क

 

कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर Like, Comment, Followers और Online Trolling के कारण बच्चों एवं युवाओं पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर भी जागरूक किया गया। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रशंसा या आलोचना किसी व्यक्ति के वास्तविक व्यक्तित्व और मूल्य का निर्धारण नहीं करती।

 

युवाओं को ऑनलाइन दोस्ती, प्रेम संबंधों में पासवर्ड या निजी फोटो-वीडियो साझा करने तथा अनजान लोगों से संपर्क करने से बचने की सलाह दी गई।

 

OTP, पासवर्ड और संदिग्ध लिंक से सावधानी जरूरी

 

साइबर अपराध से बचाव के लिए प्रतिभागियों को OTP, पासवर्ड और निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान वीडियो कॉल से सावधान रहने तथा सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।

 

साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

 

डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर अफवाहों से बचने की सलाह

 

कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए गए। पुलिस ने लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी अफवाहों से सावधान रहने और साइबर अपराधियों के दबाव में आकर घबराने के बजाय सतर्कता बरतने की सलाह दी।

 

उप पुलिस अधीक्षक माना श्री लम्बोदर पटेल ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह अलग करना संभव नहीं है, लेकिन उन्हें इंटरनेट का सुरक्षित, जिम्मेदार और समझदारीपूर्ण उपयोग सिखाना अभिभावकों एवं समाज की साझा जिम्मेदारी है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को गंभीरता से सुना तथा अपने परिवार और बच्चों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

 

थाना सिलतरा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

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