बिरगांव/रायपुर। केंद्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जहां भाजपा उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं विपक्षी नेताओं द्वारा सरकार के वादों और दावों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नगर पालिक निगम बिरगांव के एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार से जनता से किए गए वादों का हिसाब मांगा है।
इकराम अहमद ने कहा कि सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर केवल उत्सव मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता से किए गए वादों की समीक्षा भी जरूरी है। उन्होंने रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, आवास, महिला सुरक्षा और डिजिटल इंडिया जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। युवाओं को रोजगार के सपने दिखाए गए, लेकिन अपेक्षित अवसर उपलब्ध नहीं हो सके।
काला धन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विदेशों से काला धन वापस लाकर प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता। उनके अनुसार यह वादा जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।
किसानों के संबंध में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन किसान आज भी बढ़ती लागत, कर्ज और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि खेती की लागत बढ़ी है, जबकि आमदनी में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई।
महंगाई को लेकर इकराम अहमद ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
आवास योजना पर उन्होंने कहा कि सभी को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य अभी भी अधूरा दिखाई देता है और बड़ी संख्या में लोग आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं गंगा सफाई अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के प्रभाव को भी उन्होंने सीमित बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
महिला सुरक्षा के विषय में उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दावे किए गए, लेकिन अपराध की घटनाएं आज भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। उनके अनुसार कानून सख्त होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नजर नहीं आते।
अंत में इकराम अहमद ने कहा कि “12 साल का जश्न मनाने से पहले 12 वर्षों में किए गए वादों का हिसाब देना जरूरी है। विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिले। आज जनता सवाल पूछ रही है और जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।”
— संवाददाता
सत्य के अंजोर न्यूज़
