रायपुर, 02 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार की अकर्मण्यता के कारण प्रदेश में जल जीवन मिशन के कई काम ठप हो गए हैं और ठेकेदारों के लगभग 2000 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान बकाया हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, अब जमीनी स्तर पर विफल होती नजर आ रही है। वर्मा ने कहा कि वर्ष 2024 तक योजना को पूरा करने का लक्ष्य था और कांग्रेस शासनकाल में करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद काम प्रभावित हुआ है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्वीकृत कई निविदाओं को निरस्त कर दिया गया और अपने चहेते ठेकेदारों को काम देने के लिए प्रक्रिया में बदलाव किए गए। इसके चलते कई जिलों में काम पूरी तरह बंद हो गया है और अब योजना की समयसीमा बढ़ाकर 2028 कर दी गई है।

👉 जमीनी हकीकत पर सवाल

कांग्रेस के अनुसार, कई जगहों पर बिना जल स्रोत के ही पानी की टंकियां बना दी गई हैं, तो कहीं पाइपलाइन बिछाई गई है लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

👉 मेंटेनेंस में भी लापरवाही का आरोप

वर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय शुरू हुई नल-जल योजनाओं का भी सही रखरखाव नहीं हो पा रहा है। कई गांवों में मोटर खराब होने, बिजली की कमी और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याओं के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है।

👉 फंडिंग पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ को कुल 36,000 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसमें केंद्र और राज्य की बराबर हिस्सेदारी थी, लेकिन अब तक केवल 13,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।

📢 राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि “डबल इंजन” सरकार में प्रदेश की जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है और स्वच्छ पेयजल की उम्मीद टूटती जा रही है।

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