रावाभाठा/मेटल पार्क।
प्रतीक फ्यूल (पेट्रोल पंप) मेटल पार्क में कार्यरत साजन कुर्रे (निवासी – रावाभाठा) की ड्यूटी के दौरान हुई संदिग्ध मृत्यु ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया। परिजनों व ग्रामीणों के विरोध के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
घटना का पूरा विवरण
7 दिसंबर को साजन कुर्रे सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक अपनी ड्यूटी पर थे। देर रात पेट्रोल पंप प्रबंधन ने परिजनों को बताया कि साजन को ड्यूटी के बाद उनके घर छोड़ा गया। जबकि परिवार ने स्पष्ट कहा कि वे घर पहुंचे ही नहीं।
अगली सुबह पेट्रोल पंप की ओर से फोन कर बताया गया कि “साजन कुर्रे का शरीर अकड़ गया है।” इस सूचना के बाद परिजन तुरंत प्रतीक फ्यूल मेटल पार्क पहुंचे, जहाँ उन्होंने देखा कि साजन कुर्रे का मृत शरीर ऑफिस कक्ष के अंदर पड़ा हुआ है और उनके गले में गमछा लिपटा हुआ था। इससे परिजनों और ग्रामीणों में संदेह गहरा गया।
सीसीटीवी फुटेज संदिग्ध—हार्ड डिस्क नहीं खुली
प्रतीक फ्यूल मेटल पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क खोलने के कई प्रयास किए गए, लेकिन किसी भी फुटेज को ओपन नहीं किया जा सका। इससे ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और बढ़ गई।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि पेट्रोल पंप के बाहर जमा हुए। नारेबाजी करते हुए उन्होंने न्यायिक जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
10 लाख मुआवजा देकर मामला शांत
लंबी बातचीत के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन और परिजनों के बीच 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी—
1 लाख रुपये नकद,
9 लाख रुपये चेक के रूप में।
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इसे स्वीकार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ग्रामीणों की एकता सराहनीय
पूरी घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक लोग उपस्थित रहे और परिजनों के साथ मजबूती से खड़े रहे।
सत्य के अंजोर न्यूज़ परिवार इस एकजुटता की प्रशंसा करता है और प्रशासन से साफ-सुथरी जांच की अपेक्षा करता है।
