SAGES स्कूल बिरगांव में क्लास 3 और 6 की किताबें अब तक उपलब्ध नहीं – बच्चों के भविष्य से खिलवाड़!

 

बिरगांवस्मार्ट शिक्षा और डिजिटल क्रांति की बात करने वाले प्रदेश में आज भी बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसका ताज़ा उदाहरण सामने आया है बिरगांव स्थित PM SHRI SAGES स्कूल का, जहां कक्षा 3 और कक्षा 6 के छात्रों को सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

 

 

बच्चों की पढ़ाई ठप – माता-पिता परेशान

 

सत्र प्रारंभ हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन छात्रों को किताबें न मिलने से कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर बेहद प्रभावित हो रहा है।

 

अभिभावकों ने इसे बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ बताया और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

 

 

 

 

विकासशील छत्तीसगढ़ पर सवाल

 

एक तरफ सरकार बच्चों की पढ़ाई और बेहतर शिक्षा व्यवस्था का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों में किताबों का संकट यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कितनी लचर हैं।

 

> “हमारे बच्चे बिना किताबों के स्कूल जा रहे हैं, अध्यापन अधूरा हो रहा है। आखिर जिम्मेदारी कौन लेगा?” – अभिभावक

 

 

 

 

 

शिक्षा विभाग से जवाबदेही की मांग

 

स्थानीय लोगों और पालकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बच्चों का शैक्षणिक नुकसान रोका जा सके।

 

 

 

सोशल मीडिया पर गूंज उठा सवाल

 

यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है। लोग पूछ रहे हैं –

क्या यही है विकासशील छत्तीसगढ़ का असली चेहरा?

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